अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे IRO 2015 चैम्पियन्स


इस वर्ष नवंबर में दोहा, कतर में होने वाले वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड में 25 टीमें करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

 नई दिल्ली / बेंगलूर, भारत – सितंबर 27, 2015 – इंडियन रोबोट ओलंपियाड (IRO) 2015 का आयोजन 26 व 27 सितंबर को एपिसेंटर गुड़गांव में किया गया, जो दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया। IRO 2015 के उदघाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गुड़गांव के डिप्टी कमिश्नर श्री टीएल सत्यप्रकाश, आईएएस, उपस्थित थे और उन्होंने यहां पुरस्कार वितरण भी किया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के स्कूलों से 709 छात्रों से हिस्सा लिया था।

इंडियन रोबोट ओलंपियाड (IRO) 2015 का 9 से 18 वर्ष के छात्रों के लिए देशभर में आयोजन किया गया था। इसकी क्षेत्रिय प्रतियोगिताएं बेंगलूर, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, मुंबई और सूरत में आयोजित की गई। अब नवंबर में दोहा, कतर में होने वाले वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड में यहां की 25 टीमें भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

इंडिया स्टेम फाउंडेशन के संस्थापक श्री सुधांशु शर्मा ने बताया कि, स्कूलों में रोबोटिक्स की पढ़ाई होने से बच्चों में वैज्ञानिक रचनात्मकता विकसित होने की संभावना होती है और उन्हें प्रगतिशील शिक्षा के लिए उपयुक्त ज्ञान हासिल करने में सहायता मिलती है। भारत में हम छात्रों को कम उम्र में ही ऐसे नए कॉन्सेप्ट्स और तकनीकों से परिचित कराना चाहते हैं और उन्हें उत्साह के साथ इस तकनीक को अपनाने के लिए तैयार रहने के काबिल बनाना चाहते हैं ताकि वे पेशेवर जीवन में प्रवेश कर वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा में शामिल हो सकें।

इस मौके पर गुड़गांव के डिप्टी कमिश्नर श्री टीएल सत्यप्रकाश, आईएएस ने कहा कि, एक तरफ जहां भारत खुद को निवेश संचालित अर्थव्यवस्था से नवीनता संचालित अर्थव्यवस्था में तब्दील कर रहा है, वहीं मुझे लगता है कि रोबोटिक्स जैसे प्रयास इस प्रक्रिया में तेजी लाएंगे। वहीं, IRO इसे मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगा। जहां तक उत्पादकता की बात है, यह जरूरी है कि हम नई पीढ़ी को तैयार करने के लिए उन्हें कुछ अधिक नवीनता और अधिक व्यापक शिक्षा प्रदान करें।

मारुति सुजुकी और डीएलएफ इंडियन रोबोट ओलंपियाड 2015 के प्रायोजक होंगे।

मारुति सुजुकी के एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर श्री राजेश उप्पल ने कहा कि, “मारुति सुज़ुकी अपने कई सहयोगियों के साथ कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के क्षेत्र में काम करता आ रहा है। हमारा उद्देश्य देश में मौजूद प्रतिभाओं के कौशल को विकसित करते हुए उन्हें मजबूती प्रदान करना है। यह मंच युवा प्रतिभाओं को बेहतरीन अवसर प्रदान करता है और शिक्षण प्रक्रिया के दौरान कम उम्र में ही उनमें रचनात्मकता और नवीनता विकसित करने की भूमिका निभाता है 

मारुति सुजुकी में ट्रेनिंग एकेडेमी के वाइस प्रेसिडेंट श्री मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया, “हमें पूरा यकीन है कि इस फोरम में हिस्सा लेने वाले छात्र रोबोटिक्स में अपनी कौशल वृद्धि करते हुए स्वयं में महत्व निर्माण कर सकेंगे

डीएलएफ में सलाहकार डॉ. विनय साहनी, आईएएस (सेवानिवृत्त) ने बताया कि, “डीएलएफ फाउंडेशन लोगों के जीवनस्तर में स्थायी सुधार लाने हेतु विकसित तकनीक को बढ़ावा देने में पूरी तरह यकीन करता है। यह फाउंडेशन विभिन्न सरकारी स्कूलों से जुड़ा है, जहां हम यह सुनिश्चित करते हैं कि नए दौर के शिक्षा साधनों और गैजेट्स गरीब बच्चों के लिए भी उपलब्ध हों जिससे वे अपनी संपूर्ण क्षमता को बाहर ला सकें। यह फाउंडेशन प्रतिभाशाली छात्रों को स्कॉलरशिप भी देता है ताकि वे विज्ञान और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न करियर विकल्प अपना सकें। वहीं, ऐसे कार्यक्रम वैज्ञानिक शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में काफी अहम होते हैं

पाथवेज़ स्कूल (IRO 2015 के सह-प्रायोजक) के डायरेक्टर श्री प्रभात जैन ने कहा कि, “स्टेम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंडियन रोबोट ओलंपियाड के क्षेत्रीय संस्करण के फाइनल का आयोजन पाथवेज़ स्कूल, गुड़गांव में करना हमारे लिए काफी अच्छा अवसर था। विभिन्न शहरों और राज्यों के अलग-अलग स्कूलों से अपने शिक्षकों के साथ यहां हिस्सा लेने आए इन उभरते युवा अविष्कारकों का जोश देखना हमारे लिए काफी रोमांचक रहा। सभी प्रतिभागियों द्वारा जो उत्साह, जुझारू और प्रतिस्पर्धी मानसिकता का प्रदर्शन किया गया उससे यहां का संपूर्ण अनुभव बेहद उत्तेजक बन गया। पाथवेज़ की ओर से मैं सभी प्रतिभागियों को पूरे दिल से शुभकानाएं देता हूं

दिल्ली, मुंबई और सूरत से आई फ्यूरियस 3, ओमेगा 2.1, थंडर ड्राइवर्स, गोल्ड एसेसिन्स, डीके 100 और रोबोजिनयस हाई वोल्टेज जैसी टीमें इस प्रतिष्ठित IRO प्रतियोगिता में लगातार हिस्सा लेती रही हैं और

पिछले 3-4 सालों से अपने रोबोटिक मॉडल्स का प्रदर्शन कर रही हैं। यह टीमें कम से कम समय में मुश्किलों को हल करने में भी सफल हुई हैं।

यह सभी प्रतियोगी अपने शैक्षणिक वर्ष में आगे जाकर अपनी प्रयोगशालाओं में रोबोटिक कक्षाओं की एक सीरीज़ में भी शामिल होंगे। अभी का प्रदर्शन विशेषज्ञों द्वारा उन्हें दिए गए गहन प्रशिक्षण का ही परिणाम है।

इंडियन स्टेम फाउंडेशन (ISF), एक ऐसा संगठन है जो विज्ञान और तकनीक आधारित शिक्षण समाधान छात्रों के लिए उपलब्ध कराता है जिसमें रोबोटिक्स का उपयोग होता है। ISF छात्रों को नए अविष्कारों, सहभागिता और समस्याओं के रचनात्मक समाधान द्वारा विश्व के तकनीक संचालित समाज की चुनौतियां दूर करने के लिए प्रेरित करता है। ISF भारत में अधिक स्कूलों को अपने मिशन में शामिल कर यहां अपनी उपस्थिति विस्तार करना चाहता है।

# # #

इंडिया स्टेम फाउंडेशन (ISF) के बारे में:

इंडियन स्टेम फाउंडेशन (ISF), एक ऐसा संगठन है जो रोबोटिक्स लर्निंग प्लेटफॉर्म और अन्य रिसर्च आधारित व्यावहारिक शिक्षा संसाधन का नए तरीके से प्रयोग कर छात्रों में कंप्यूटर विज्ञान, विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (CS-STEM) के प्रति रुचि बढ़ाने का काम करता है।

ISF, का मानना है कि रोबोटिक्स आधारित कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं छात्रों को एक दिलचस्प और संवादात्मक तरीके से विज्ञान और तकनीक से जुड़ने का अवसर देने वाले श्रेष्ठ प्लेटफॉर्म्स में से एक हैं।

अधिक जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट http://indiastemfoundation.org/ पर जाएं।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: